Drink water and drink more and drink more !!

पानी उबाल कर पीएं और अधिक से अधिक मात्रा में पीएं !!

आज विश्वस्वास्थ्य दिवस के दिन मैं आप सभी की अच्छी सेहत की कामना करता हूँ.

गर्मी में सबसे अधिक बीमारियाँ शरीर में पानी की कमी से या दूषित पानी से संक्रमण होने के कारण इसलिए आप सभी से मेरा अनुरोध है कि पानी उबाल कर पीएं और अधिक से अधिक मात्रा में पीएं !!

‘Naiduniya’ ek samaachaar-patr hee nahin balki ek aadat hai!

हिन्दी पत्रकारिता में श्रेष्ठ स्थान रखने वाला – “पत्रकारिता का विश्वविद्यालय” कहलाने वाला समाचार-पत्र ‘नईदुनिया’ के प्रबंधन का बदल जाना क्या यह एक महज व्यावसायिक घटना या व्यापारिक समझौता है? क्या हम सिर्फ एक पाठक हैं या हमारा भी कुछ हक़ है?

प्रबंधन ही वास्तव में हर प्रकार से जवाबदार है किसी भी निर्णय के लिए…फिर मेरे जैसे सामान्य पाठक को नईदुनिया के इन्दौरियन प्रबंधकों के बदलने का दुःख क्यूँ हो रहा है?
…क्यूंकि नईदुनिया एक समाचार-पत्र ही नहीं बल्कि एक आदत है और इसको पढ़े बिना ऐसा लगता है कि शायद सुबह ही नहीं हुई. भाषा के संस्कार, सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक परम्पराएँ और पत्रकारिता के सिद्धांत ‘नईदुनिया’ की पहचान रहे हैं. आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या और श्रीमती इन्द्राजी की तानाशाही के खिलाफ सम्पादकीय पृष्ठ को खाली छोड़ देना पत्रकारिता का बिरले उदाहरण था.

श्री राहुल बाबा, प्रभाषजी जोशी से लेकर रज्जू बाबू तक कालजयी सम्पादक देने वाला समाचार-पत्र नईदुनिया वर्तमान समय में श्री आलोक मेहता, श्री श्रवण गर्ग, श्री वेदप्रताप वैदिक, श्री उमेश त्रिवेदी, श्री राजेश बादल, श्री प्रकाश पुरोहित, श्री प्रकाश हिन्दुस्तानी, श्री अनुराग पटेरिया, श्री राजेश सिरोठिया, श्री आनंद पाण्डे जैसे अनेक पत्रकारों को जन्म देने वाला विश्वविद्यालय क्या बाज़ारी शक्तियों का शिकार हो गया?

क्या इस बाज़ार वाद में हम अपनी मालव माटी व निमाड़ माटी की खुशबू नईदुनिया में महसूस कर पाएंगे? कहीं पीतपत्रकारिता और पैड न्यूज़ का हथियार तो नहीं बन जायेगा यह भी…? मन में चिंता है…पीड़ा है…प्रश्न है…और अपेक्षा है नए प्रबंधन से.

Sahara Group will soon make big investments in the field of the dairy industry in Madhya Pradesh

कल रात इंदौर शहर को सहारा समूह के चेयरमेन श्री सुब्रतो राय व उनके परिवार की मेज़बानी करने का शानदार मौका मिला. उनकी व उनके परिवार जनों की सादगी व सहजता दिल छू गयी. कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य उद्योगपति जैसे डॉ. रमेश जी बाहेती, संजय जी अग्रवाल, विजय जी सोनी, पिंटू जी छाबड़ा भी उपस्थित थे. श्री राय ने पूर्व रणजी ट्रॉफी के खिलाड़ियों के साथ फोटो भी खिंचवाई.

चर्चा के दौरान श्री सुब्रतो राय ने इंदौर व मध्य प्रदेश के शासन-प्रशासन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सहारा समूह का अगला पड़ाव मध्य प्रदेश है. उन्होंने आश्वस्त कराया कि प्रदेश में बढ़ते विकास और अवसरों को देखते हुए सहारा समूह जल्द ही डेयरी उद्योग के क्षेत्र में मध्य प्रदेश में बड़ा निवेश करेगा. श्री राय ने कहा कि इंदौर क्षेत्र निवेश के मामले में परफेक्ट है. इंदौर के आस-पास रियल स्टेट के निवेश पर भी श्री राय ने जोर दिया.

पहले आई टी क्षेत्र में बड़ी कंपनियों का इंदौर की तरफ रुझान और अब सहारा समूह की रूचि हमारी प्रगति का शुभ संकेत हैं. आशा है हम सभी के प्रयास इस ही तरह प्रदेश को उन्नति के पथ पर अग्रसर रखेंगे.

Shubh muhoort, phaladaayee nakshatr, mangalakaaree divas akshay trteeya !!

शुभ मुहूर्त, फलदायी नक्षत्र, मंगलकारी दिवस अक्षय तृतीया !!

आज का दिन भारतीय संस्कृति में अत्यंत शुभ माना गया है. वैसे तो हर दिन शुभ-अशुभ अपने कर्मों से होता है पर हमारी संस्कृति ने हमें हिन्दू पंचांग के रूप में एक ऐसी अनूठी सौगात दी है कि साल भर विभिन्न त्यौहारों के माध्यम से हमारी पूरी ज़िन्दगी उत्सव बन चुकी है. त्यौहार जो भी हो धर्म और जाती से परे प्रत्येक भारतवासी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उसके जश्न में शामिल हो ही जाता है. ‘अनेकता में एकता’ की डोर को मज़बूती से बांधे रखने में इन त्यौहारों की भी अहम भूमिका है.

अक्षय तृतीया हिन्दू धर्म के अनुसार सौभाग्य और सफलता का प्रतीक है. आज के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी ने धरती पर जन्म लिया था और गंगा नदी भी स्वर्ग से धरती पर उतरी थी. ‘अक्षय’ का अर्थ है अनंत, कभी न मिटने वाला और इसलिए आज के दिन सभी मंगल कार्य बिना मुहूर्त के किए जाते हैं क्यूंकि आज के दिन का हर पल मंगलमय माना गया है. ‘महाभारत’ जैसे पवित्र ग्रन्थ की लेखन क्रिया भी आज ही के दिन भगवान श्री गणेश द्वारा प्रारंभ की गयी थी.

जैन धर्म के अनुसार आज आखा तीज के दिन इस काल के प्रथम तीर्थंकर ऋषभ देव ने एक साल के बाद गन्ने का रस पीकर उपवास खोला था. इस दिन को सभी जैन श्रावक भी पावन उत्सव के रूप में मनाते हैं. इस दिन को सभी प्रकार के दान के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है.

मैं यह मानता हूँ कि आज के दिन की तरह हमें हर दिन नयी शुरूआत करना चाहिए और पूरे दिल से दिन को शुभ मानकर प्रत्येक कार्य करना चाहिए. आशा है आज का दिन आप सभी के लिए वाकई मंगलकारी हो और आप सभी के जीवन में ‘अक्षय सुख’ का आगाज़ हो! अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएँ!