Lakshman rekha paar karoge to keemat chukaanee padegee

लक्ष्मण रेखा पार करोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी

मैंने स्त्री, पुरुष, शिक्षक, पत्रकार, कर्मचारी, पिता, पुत्र, भाई, नागरिक, सम्पूर्ण समाज के सन्दर्भ में यह बात कही है कि ‘लक्ष्मण रेखा पार करोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी’. सम्पूर्ण समाज अगर मर्यादित रहेगा तो विकृति नहीं आएगी. लक्ष्मण रेखा सभी पर लागू होती है, हर कहीं पर लागू होती है…वो आपके आचरण, रहन-सहन, भाषा, आप कहाँ जाते हैं, किसके साथ उठते-बैठते हैं, आपके मित्र कैसे हैं, आप किस से क्या शेयर करते हैं…हर बात पर लागू होती है. लक्ष्मण रेखा का अर्थ बहुत वृहद है और यह रामराज्य के समय से हम भारतियों की रक्षा करती आ रही है…मगर इसे लांघने वाले को स्वभाविकतः कहीं न कहीं, किसी न किसी रूप में, कोई न कोई नुक्सान तो होगा ही…

मैंने सिर्फ रामायण जैसे महान ग्रन्थ से सीखी एक बहुत महत्वपूर्ण बात को शेयर किया है…रावण तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में अलग-अलग रूपों में कुछ न कुछ लूटने के लिए तैयार बैठ हैं…

मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि अपना उचित-अनुचित स्वविवेक के आधार पर निर्धारित करें और अपनी लक्ष्मण रेखा की परभाषा स्वयं बनाएं!